नगर पंचायत ने सारे नियम कायदे ताक पर रखकर लाखो रुपये के दूकान को कौड़ी के दाम करा दी नीलामी ठीक बोली के समय तय सरकारी बोली को कर दिया कम…

पत्थलगांव ✍️ जितेन्द्र गुप्ता

नगर पंचायत ने सारे नियम कायदे ताक पर रखकर  लाखो रुपये के दूकान को कौड़ी के दाम करा दी नीलामी ठीक बोली के समय तय सरकारी बोली को कम किये जाने से नागरिको में आक्रोश अधिकांश लोग नही ले सके बोली भाग

नगर पंचायत के द्वारा बस स्टैंड एवं साप्ताहिक बाजार की व्यवसायिक दुकानों की नीलामी बोली प्रक्रिया को लेकर संदेह के सवाल उठने शुरू हो गए है।  नीलामी में जमकर सांठगांठ करते हुए करोड़ों रुपए की दुकानों की बोली महज औने पौने दाम पर कराने का आरोप लग रहे है। आरोप है कि नगर पंचायत को इस बार नीलामी के बाद लगभग एक करोड़ रुपए से ज्यादा आर्थिक नुकसान का अंदेशा जताया जा रहा है। इसमें सबसे ज्यादा चौकाने वाली बात यह रही की नीलामी प्रक्रिया को प्रशासनिक अधिकारी एसडीएम, तहसीलदार की अनुपस्थिति मे बोली करा लिया गया। इतना ही नही नीलामी हेतु नगर पंचायत द्वारा निकाले गये नीलामी सुचना में अनारक्षित दुकान क्रमांक 07 एव अजजा के लिए आरक्षित दुकान क्रमांक 08 की सरकारी बोली 5 लाख रूपये दर्शाया गया था साथ ही मासिक किराया बोली राशि का 2.40 प्रतिशत दर्शाया गया है। इसके विपरीत ठीक बोली वाले दिन बोलीकर्ताओ को लाभ दिलाने नगर पंचायत द्वारा सरकारी बोली को 30 प्रतिशत कम करने का शासन से निर्देश का हवाला देते हुवे सरकारी बोली की राशि एव मासिक किराया की राशी को कम करते हुवे बोलीकर्ताओ से काफी कम बोली लगवाया गया, यही वजह है की जिस अनारक्षित दूकान की बोली 8 लाख 10 हजार में बोली गयी ठीक उसके बगल वाली अनारक्षित दूकान की नीलामी में पिछले वर्ष 50 लाख रुपए से ऊपर बोली लगी थी,वर्तमान में हुवे दुकानों के लिए नीलामी में बोली के दौरान आपसी सांठगांठ का खेल जमकर चला, शासन के राजस्व क्षति भी हुयी है।नागिको का आरोप है की सरकारी बोली एव मासिक किराया बोली राशि का 2.40 प्रतिशत होने की वजह से अधिकांश लोगो ने नीलामी प्रक्रिया को काफी महंगा ब्ताकत लिअमी प्रक्रिया से दुरी बना ली थी अचानक ठीक बोली के दिन नये निर्देश जिसमे सरकारी बोली को 30 प्रतिशत कम करने का शासन से निर्देश का हवाला देते हुवे सरकारी बोली की राशि एव मासिक किराया की राशी को कम कर दिए जाने की खबर से वे लोग अपने आप को ठगा महसूस कर रहे है। नागरिको का आरोप है की सरकारी बोली को 30 प्रतिशत कम करने एव मासिक किराया की राशी को कम करने सम्बन्धी न तो कही नोटिश चस्पा किया गया और न ही इस सम्बन्ध में संशोधित विज्ञापन प्रकाशित कराया गया जिसकी वजह से उन्हें इसकी जानकारी तक नही लग पायी।
हाल के दिनों में नगर पंचायत में रिटायर हो चुके कर्मचारी को वापस प्लेसमेंट में रख कर कार्य करवाया जा रहा है। और अब देखिए किंस तरह नीलामी प्रक्रिया में अचानक नियम कायदों को दरकिनार कर औने पौने दामों में नीलामी करवा दिया गया।

इस सम्बन्ध में नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती उर्वशी देवी सिंह का कहना है। की सरकारी बोली को 30 प्रतिशत कम करने एव मासिक किराया की राशी को कम करने की जानकारी उन्हें भी ठीक बोली के दौरान मिली उन्होंने कहा की वास्तव में दुकानों की बोली काफी कम राशि में गई है। जिससे नगर पंचायत को उम्मीद अनुरूप राजस्व नही मिल सकेगा,नीलामी बोली के दौरान पारदर्शिता रखनी चाहिए थी ताकि आमजन को इसका समुचित लाभ मिल सके,परिषद में राजस्व नुकशान सम्बन्धी चर्चा करने के उपरान्त नीलामी बोली स्वीकृत एव अस्वीकृत किये जाने पर मुहर लगाया जायेगा।

नगर पंचायत उपाध्यक्ष श्यामनारायण गुप्ता ने बताया कि 3, जून को निकाला गया नीलामी सूचना को ठीक बोली होने के समय बदल दिया जाना पूरा पूरा सन्देह उतपन्न करता है। अगर पहले की दी गई नीलामी प्रक्रिया के विपरीत अगर कोई भी संसोधन कर नीलामी करवाना था तो फिर से संसोधित विज्ञापन निकाला जाना आवश्यक था इस तरह घोलमाल कर निविदा किये जाने से पत्थलगांव नगरपंचायत को लाखों रुपये के राजस्व का नुक्शान होगा इन बातों को परिषद में रखा जाएगा साथ ही जशपुर कलेक्टर सहित उच्च अधिकारीयो को जानकारी देते हुए नीलामी प्रक्रिया को निरस्त करने कहा जायेगा

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